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26. एकेश्वरवाद

1. ॐ श्री परमात्मने नमः ।

2. ईश्वर एक है वह ॐ है।

3. यह एकेश्वरवाद है। यह हजारों साल पहले वेदों ने बताया है।

4. निराकार एक है, साकार अनेक है।

5. जितने भी साकार स्वरुप है, वे इस निराकार के ही रूप है।

6. वह एक है। वह ब्रह्मा है, वह विष्णु है, वह शिव है, वह राम है, वह कृष्ण है। वह ही सर्वत्र है। वह दो नहीं, तिन नहीं, एक ही है।

7. भगवदगीता ने कहा है- निराकार ब्रह्म ॐ ने ही साकार श्रीकृष्ण का रूप धारण किया है।

8. श्रीकृष्ण ने अपने सारे रूप अर्जुन को दिखाये है। ईश्वर का ना आदि है, ना मध्य है, ना अंत। वह विश्वरूप है।

9. वह सर्वत्र है, वह एकमात्र है। वह निराकार है।

10. तुम एकेश्वरवाद का अनुसरण करो, मात्र एकेश्वरवाद के नाम पर, साकार का विरोध मत करो।

11. जो साकार का विरोध करते है, वे फसादी होते है।

12. साकार का विरोध करना यह विचारधारा है, धर्म नहीं। और अधोगति का लक्षण है।

13. तुम साकार और निराकार में समन्वय स्थापित करो।

14. उसके लिए तुम्हे सभी साकार में निराकार ईश्वर ॐ का स्वरुप देखना है।

15. और सभी साकार नामों के पहले ॐ का उच्चारण करना है।

16. यही शुद्ध स्वरुप एकेश्वरवाद है। इससे समाज सर्वसमावेशक तथा अहिंसक बनता है।

17. इसलिए किसी भी प्रार्थना, उपासना के पहले ॐ का उच्चारण करो। और पुण्य प्राप्त करो।

18. जो लोग एकेश्वरवाद के नाम पर अन्य लोगों के खिलाफ बगावत करते है, उन्हें मारते है, हिंसा करते है, उन्हें खत्म करते है, यह एकेश्वरवाद नहीं है। बल्कि आसुरी प्रवृति है। यह आध्यात्मिक अधोगति है। इसमें ईश्वर का परमधाम नहीं है। यह नरक का मार्ग है, स्वर्ग का नहीं।

19. तुम किसी से बिना वजह नफरत न करो। इसमें किसी से नफरत नहीं है, भला ईश्वर की उपासना में कैसी नफरत?

20. तुम सब से साथ मिलजुल कर रहो। और निराकार ईश्वर ॐ पर विश्वास कायम करो।

21. निराकार ईश्वर ॐ की एकमात्र उपासना है ध्यान-उपासना। तुम नित्य ध्यान-उपासना करो, और उपासना के लिए एकत्रित आओ। जो लोग ध्यान-उपासना के लिए एकत्रित आते है उनपर ईश्वरकृपा होती है।

22. जो लोग तुमसे एकेश्वरवाद के नाम पर झगड़ते है, उनसे कहो, “तुम्हारा और हमारा ईश्वर एक ही है, फरक इतना है की हम ईश्वर को भारतीय भाषा में पुकारते है और तुम किसी अन्य भाषा में पुकारते हो। ”

23. जो लोग निराकार ईश्वर ॐ पर विश्वास कायम करते है, ईश्वर की उपासना करते है, वे ही सच्चे एकेश्वरवादी है।

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