धर्म मार्गदर्शन

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2. ब्रह्मा-विष्णु-शिव

  1. ॐ श्री परमात्मने नमः।
  2. ईश्वर निराकार है, इस निराकार ईश्वर को आँखों से नहीं देखा जा सकता। इसलिए ईश्वर साकार होता है। ईश्वर के लिए सबकुछ संभव है।
  3. जिसतरह निराकार आत्मा शरीर धारण करके साकार बनता है, उसी तरह यह निराकार परमात्मा भी शरीर धारण करते हुए साकार बनते है। आखिर ईश्वर के लिए असंभव कुछ भी नहीं।
  4. ईश्वर सर्वशक्तिमान है, दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं जिसे ईश्वर नहीं कर सकते।
  5. निराकार अदृश्य है, वह किसी को दिखता नहीं, मात्र प्रकट होने के लिए साकार होना पड़ता है।
  6. धर्म में निराकार और साकार में द्वंद्व नहीं है, समन्वय है। धर्म साकार का विरोध नहीं करता।
  7. ब्रह्मा, विष्णु, शिव यह ईश्वर के साकार स्वरुप है, यह ईश्वर के साकार नाम है।
  8. ब्रह्मा, विष्णु, शिव अर्थात सृष्टि निर्माता, पालनकर्ता और बुराई को नष्ट करनेवाला।
  9. इसप्रकार निर्मिति, पालन और संहार यह तीनों कार्य आज तक चल रहे है। जब तक सृष्टि है तब तक चलते रहेंगे कर
  10. ब्रह्मा, विष्णु, शिव यह निराकार परमात्मा के साकार रुप और नाम है। यह परमात्मा की शक्तियाँ है जो दुनिया का निर्माण, पालन और पुनर्निर्माण करती है।
  11. यह प्रक्रिया सनातन और निरंतन है।
  12. सारी सृष्टि ईश्वर के अधीन है, कोई भी इस ईश्वर के घेरे के बाहर नहीं है।
  13. परमात्मा की सब पर नजर है। सभी के कर्मों पर नजर है। वह सब जानता है, वह बेखबर नहीं है।
  14. ब्रह्म को मानानेवाले ब्राह्मण, विष्णु को माननेवाले वैष्णव और शिव को माननेवाले शैव इसतरह मानव समूह निर्माण हुए।
  15. यह तीनो नाम ईश्वर के है। इसलिए ॐ ब्रह्मा, ॐ विष्णु, ॐ नमो शिवाय इसतरह उच्चारण किया जाता है।
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